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Career Updates

Career after 12th: बागवानी से है लगाव तो हॉर्टिकल्चर में बना सकते है बेहतर भविष्य

हॉर्टिकल्चर का संबंध फल, सब्जियां, मसाले, सजावटी फूल और मेडिसिनल प्लांट्स के उत्पादन से है। इसके कोर्स में साइंस स्ट्रीम से 12वीं के बाद अंडरग्रेजुएट कोर्स में एडमिशन ले सकते हैं।

अगर आपकी दिलचस्पी साइंस, आर्ट्स और एग्रीकल्चर में है तो हॉर्टिकल्चर में करियर बनाना आपके लिए सही निर्णय साबित हो सकता है। हॉर्टिकल्चर एग्रीकल्चर की ही एक ब्रांच है। इसमें फूल, पत्तियों, पौधों और अनाजों का अध्ययन किया जाता है। यह फील्ड तेजी से उभर रही है इसके कारण इसमें कैरियर की अपार संभावनाएं हैं।

क्या है हॉर्टिकल्चर?

हॉर्टीकल्चर का मतलब गार्डनिंग के विज्ञान से है, लेकिन इसका दायरा बहुत बड़ा है। इसका संबंध फल, सब्जियां, मसाले, सजावटी फूल और मेडिसिनल प्लांट्स के उत्पादन से है। लाइफ साइंसेस के अलावा इंजीनियरिंग, आर्ट, इकोनॉमिक्स, फिजिक्स, केमिस्ट्री जैसे सब्जेक्ट्स की मदद से इसमें प्लांट प्रोडक्शन और मैनेजमेंट के बारे में बताया जाता है। देश की आधी से ज्यादा आबादी के लिए कृषि रोजगार का जरिया है और इसमें हॉर्टीकल्चर की प्रमुख भूमिका है। इसके अलावा निर्यात की संभावना को देखते हुए सरकार भी हॉर्टीकल्चर को प्रोत्साहित कर रही है।

कैसे करें पढ़ाई?

हॉर्टिकल्चर की पढ़ाई करने के लिए साइंस स्ट्रीम से 12वीं करने के बाद अंडरग्रेजुएट कोर्स में एडमिशन ले सकते हैं। स्टूडेंट्स को इसकी पढ़ाई करने के लिए इंडियन काउंसिल फॉर एग्रिकल्चरल रिसर्च एंट्रेंस पास करना होता है।  जिसके बाद इस कोर्स में दाखिला मिलता है, जिसकी अवधि तीन या चार साल की होती है। ग्रेजुएशन करने के बाद इसमें आप मास्टर डिग्री भी हासिल कर सकते हैं। इसमें दाखिले के लिए भी उम्मीदवार को इंडियन काउंसिल फॉर एग्रीकल्चरल रिसर्च द्वारा आयोजित एंट्रेंस टेस्ट पास करना होता है। कुछ विश्वविद्यालय और संस्थान  अपनी अलग एंट्रेस एग्जाम लेते हैं। कोर्स की अवधि दो साल होती है।

उपलब्ध कोर्सज

  • बीटेक इन हॉर्टिकल्चर
  • बीएससी इन हॉर्टिकल्चर
  • एमएससी इन हॉर्टिकल्चर
  • बीएससी इन एग्रीकल्चर

जॉब

कृषि केंद्र, राज्य लोक सेवा आयोग, प्राइवेट फूड सेक्टर, एजुकेशन के क्षेत्रों में नौकरी मिलेगी। इन जगहों पर आप बतौर हॉर्टिकल्चर स्पेशलिस्ट, फ्रूट-वेजीटेबल इंस्पेक्टर, प्रोफेसर, रीडर, कृषि वैज्ञानिक, कृषि अधिकारी, तकनीकी अधिकारी, फल व सब्जी निरीक्षक के रूप में काम कर सकते हैं।

सैलरी

इस फील्ड में शुरुआती पैकेज तीन से चार लाख रुपए सालाना तक होता है। दो-तीन साल का एक्सपीरियंस होने पर सालाना कमाई 5 से  6 लाख रुपए तक हो सकती है। रिसर्च संस्थानों में पैकेज ज्यादा होता है, लेकिन इसके लिए कॉम्पिटीशन भी ज्यादा होता है। इंडियन काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चरल रिसर्च द्वारा साइंटिस्ट पद पर नियुक्ति की जाती है ।

प्रमुख संस्थान

#1. गोविंद बल्लभ पंत यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर एंड टेक्नोलॉजी, उत्तराखंड
संपर्क – 05944 233 377
http://www.gbpuat.ac.in/

#2. इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर
संपर्क – 077124 42537
http://www.igau.edu.in/

#3. उड़ीसा यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर एंड टेक्नोलॉजी, भुवनेश्वर
संपर्क – 0674 239 7818
http://www.ouat.nic.in/

#4. केरल एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी
संपर्क – 0487 243 8011
http://www.kau.in/

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